Sad Poetry in Hindi

Poem in Hindi on Love Sad

Adhuri Hasrate has a collection of Sad Poetry in Hindi, Sad poems about love and pain in Hindi.


Sad poems about Love and Pain in Hindi: Sach Batlana

सच बतलाना
उनमें ऐसी क्या खास थी ?
तोड़ी जो तुमने मेरी आश थी !!

तेरी भोली सूरत पर जो हम लुभाए थे
मेरे बुरे हालातों से तुम घबराए थे
फटेहाल मेरे कपड़े तुम्हें न भाए थे
मुझे अपना कहने में तुम सकुचाए थे
मेरे सादगी की कीमत तुम न जान पाए थे

तड़क-भड़क पे उनके तुम भरमाए थे
उनकी झूठी वादों नें सपनें दिखाए थे
इश्क न था तुमसे उन्हें पर जताए थे
दिलो जान भी तुमने उनपर लुटाए थे
साथ जीने मरने के भी कसमें खाए थे

अपनी करतूतों पे अब तुम पछताए हो
अब जो दिल टूटा है मेरे पास आए हो
टूटे दिल के अरमानों को साथ लाए हो
पुरा अरमानों को करने का साहस कौन करे
खुद के दिल में खाई है अब तेरे गढ्ढे कौन भरे

सच बतलाना
उनमें ऐसी क्या खास थी ?
तोड़ी जो तुमने मेरी आश थी !!


Heartbreaking Poems in Hindi: Hum Mil Na Sake To Kya Hua

हम मिल न सके तो क्या हुआ
मेरा इश्क न जाया हो पाएगा

रक़ीब जब भी करेंगे प्यार तुमको
मुझे भी याद जरूर किया जाएगा

छुएंगे लबों से लब वो भी पर
एहसास वो न कोई दिला पाएगा

वस्ल की रात में तेरी खमोशी
फिक्र-ए-यार बढ़ा जाएगा

शायर यारों की महफ़िल जमेगी
तो जिक्र तेरा जरूर आएगा

तुझपे बेवफा की तोहमत पर
सच्चा आशिक मुझे कहा जाएगा


Poem on Broken trust in Hindi: Suno Na

सुनो ना,
अब दिल भरा है क्योकि बहुत इश्क़ करा है,
अब ये न कहना के तेरा दिल मेरे पास पड़ा है !!

सुनो ना,
बहुत दिन से एक बात ज़हन में थी जो आज बोलता हूँ,
मत सोचना की ये बंदा तेरे पर्दाफाश पे अड़ा है !!

सुनो ना,
बोहोत कैद रह लिए इश्क़ में हम,
अब आज़ादी का भूत सर पर चढ़ा है !!

सुनो ना,
मै क्या हूँ, कैसा हूँ, नियत क्या है मेरी,
मेरा ज़र्रा ज़र्रा तुमने ही तो पढ़ा है !!

सुनो ना,
जो वादे कसमें खायी थी तुमने,
क्या सच है ये कि तुमको अफ़सोस बड़ा है ??

सुनो ना,
कि बड़ा नादान था जो समझ ना पाया तुम्हे,
ख़ुश हूँ की मेरे दिल को तुमसे अब नफरत बड़ा है !!

सुनो ना…


Sad Poems About Love and Pain: Tu Sath Nahi
By Jayanti Lawatariya

क्यूँ , साथ हो कर भी तू साथ नहीं.. 
क्यूँ , पहले जैसे अब जस्बात नहीं… 
क्यूँ, दूरी बढ़ती ही जा रहीं… 
सब यादों सी होती जा रही… 
ना खुश है तू , ना मैं रहीं …
आँखे भी बोझिल होती रही….. 
हूँ मैं गलत , या तू ही सही …. 
क्यूँ , साथ हो कर भी तू साथ नहीं ….


Sad Poetry in Hindi: Jise Tum Chaho

जिसे तुम चाहो वो मोहब्बत,
जो तुम्हें चाहे, उसका क्या ?

जिसके लिए तुम रोयें वो मोहब्बत,
जो तुम्हारे लिए रोये, उसका क्या ?

जिसके लिए तुम तडपो वो मोहब्बत,
जो तुम्हारे लिए तडपे, उसका क्या ?

जिसको तुमने चाहा वो तुम्हें मिले,
और जिसको तुम ना मिले, उसका क्या ?

जिसके याद मे तुमने हर चिज छोड़ा,
और जो तुम्हारे बियोग मे खोया, उसका क्या?

जिसके लिए तू खुश है वो मोहब्बत,
और जिसने कई अर्सों से मुस्कुराना छोड़ा, उसका क्या ?

जिसके लिए तुमने मुझको छोड़ा,
और जिसके लिए मैने जीना छोड़ा, उसका क्या?


Hindi poetry on love : Jo Dard Ki Wajah Hai

जो दर्द की वजह है,
वही मरहम क्यूँ है,
खामोशी, बेचैनी और ये पागलपन,
दिल मे यूँ दफन क्यूँ है !

कमी सी है तेरे ना होने से,
ज़ेहन को तेरी फिक्र सी क्यूँ है,
कहते हो तुम धडकनों में बसते हो,
फिर ज़िंदगी इतनी सुनी-सुनी क्यूँ है॥


Sad Poetry in Hindi : Kyun Chup Ho

क्यों चुप हो इतने, तुम कोई आवाज़ भी नहीं करते,
कहूँ जो कुछ भी मैं तो आप इन्कार नहीं करते ?

अक्सर सब खामोश हो जातें हैं मौत के बाद,
बोलकर नई गीत का आगाज क्यों नहीं करते ?

सोएं रहेंगे वो बिस्तर पर आंखें मुंदे अन्धेरे मे,
पर सब जाकर उनका दिदार क्यों नहीं करते ?

गुज़रे हैं कई वक़्त तेरे जागने के इन्तज़ार मे,
जो काम आंसू करे वो भला अल्फाज़ क्यों नहीं करते ?

खाली पड़ी है कुर्सियां, इन्तजार में है चन्द लोग,
जाकर वो छूटा हुआ अपना कामकाज क्यों नहीं करते ?

चाहे कितना भी करो गुस्सा सुन लूंगा मैं,
क्यों भला मुझे अपनी बातों से नाराज़ नहीं करते ?

उमरे हैं लोग आपके आखरी दिदार को,
उठकर अपने से बड़ों का आप लिहाज क्यों नहीं करते ?


Tera Hizr Gawara Kar Loon Kya

तेरा हिज़्र गवारा कर लूं क्या?
या खुद से भी किनारा कर लूं क्या?

कुछ इस कदर बेबस हूं मैं अपने दिल से,
तुम्हीं से इश्क दोबारा कर लूं क्या?

लफ़्ज़ों में दर्द रिसता है मेरे,
तेरे इश्क को मरहम कर लूं क्या?

तरसे हैं तेरे अक्स ए रूबरू हम
कहो? ख्वाबों से गुज़रा कर लूं क्या?

ये मेरी प्रीत से सींची नज़्मों में
मैं जिक्र तुम्हारा कर लूं क्या?


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